बरसात में पकौड़े, होली पर लड्डू, और रोज़ कढ़ी - बेसन के बिना रसोई अधूरी है। बाजार के कई बेसन में पीला रंग और खेसारी दाल मिली होती है। स्वेच्छा बेसन सिर्फ शुद्ध चना दाल से बना है, इसलिए रंग हल्का पीला और खुशबू ऐसी कि हाथ में लेते ही चने की महक आए।
हमारी रोज़ की रसोई में यह क्यों ज़रूरी है?
बेसन प्रोटीन का खजाना है, खासकर शाकाहारी लोगों के लिए। इसमें फाइबर है जो पेट साफ रखता है। बेसन से बनी कढ़ी, चीला, ढोकला, लड्डू सब पौष्टिक होते हैं। स्वेच्छा बेसन बारीक पिसा है इसलिए पकौड़े ज्यादा फूले-फूले और कुरकुरे बनते हैं, तेल कम पीता है।
निर्जला स्टोर, रामबाग, पूर्णिया से ही क्यों लें?
रामबाग एसबीआई के पास निर्जला स्टोर RCM का ऑफिशियल पिकअप सेंटर है। यहाँ बेसन सील पैक में आता है, इसलिए नमी और कीड़े नहीं लगते। हर 10-12 दिन में नया स्टॉक आता है। व्हाट्सएप पर प्री-ऑर्डर कर दीजिए, हम आपका पैकेट नाम लिखकर रख देंगे।
ख़ासियत क्या है?
- 100% शुद्ध चना दाल से बना, कोई मिलावट नहीं
- बारीक पिसाई, गांठ नहीं बनती, घोल जल्दी बनता है
- नैचुरल पीला रंग, बिना कृत्रिम रंग
- पकौड़े में तेल कम सोखता है
- RCM लैब में शुद्धता टेस्टेड
कैसे इस्तेमाल करें?
पकौड़े के लिए बेसन में थोड़ा पानी, नमक, मिर्च मिलाकर 10 मिनट फेंटें। कढ़ी के लिए दही के साथ घोलें। लड्डू के लिए घी में धीमी आंच पर भूनें। बेसन को हमेशा सूखे डिब्बे में रखें, गीला चम्मच न डालें।
कैसे ऑर्डर करें? प्री-ऑर्डर + पिकअप
- कार्ट में जोड़ें दबाएं
- नाम मोबाइल लिखें
- व्हाट्सएप पर भेजें, हम पैकेट तैयार रखेंगे
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: इसमें खेसारी है क्या?
उत्तर: बिल्कुल नहीं, सिर्फ शुद्ध चना दाल का बेसन।
प्रश्न: पकौड़े कुरकुरे बनेंगे?
उत्तर: हाँ, बारीक पिसाई से एकदम कुरकुरे और फूले-फूले बनते हैं।