रोज़ सिर्फ गेहूं की रोटी खाने से शरीर को पूरा पोषण नहीं मिलता। स्वेच्छा मल्टी ग्रेन आटा में गेहूं के साथ ज्वार, बाजरा, रागी, चना, जौ और सोयाबीन मिला है। एक ही रोटी में 6 अनाजों की ताकत, इसलिए डॉक्टर भी अब मल्टी ग्रेन की सलाह देते हैं।
हमारी रोज़ की रसोई में यह क्यों ज़रूरी है?
पूर्णिया में डायबिटीज और मोटापा बढ़ रहा है। मल्टी ग्रेन आटा में फाइबर ज्यादा है, इसलिए पेट देर तक भरा रहता है और शुगर कंट्रोल में रहती है। बच्चों की हाइट और ताकत के लिए भी यह आटा बहुत अच्छा है। रोज़ की 2 रोटी मल्टी ग्रेन की खा लो तो विटामिन की गोली की जरूरत नहीं।
निर्जला स्टोर, रामबाग, पूर्णिया से ही क्यों लें?
रामबाग एसबीआई के पास निर्जला स्टोर RCM का अधिकृत पिकअप सेंटर है। यहाँ आटा सीधे मिल से सील पैक में आता है, इसलिए कीड़े और नमी का डर नहीं। हम हर 10-12 दिन में फ्रेश चक्की वाला आटा मंगाते हैं। व्हाट्सएप पर प्री-ऑर्डर करोगे तो हम आपका 2 किलो का पैकेट अलग रख देंगे।
ख़ासियत क्या है?
- 6 अनाज - गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, जौ, सोया
- फाइबर और प्रोटीन से भरपूर, डायबिटीज फ्रेंडली
- बिना मैदा, बिना प्रिजर्वेटिव
- नरम रोटी जो देर तक नरम रहती है
- RCM क्वालिटी लैब टेस्टेड
कैसे इस्तेमाल करें?
जैसे नॉर्मल आटा गूंथते हैं वैसे ही गूंथें, बस थोड़ा ज्यादा पानी लगेगा। 10 मिनट ढक कर रखें फिर रोटी बेलें। पराठा, पूरी, चीला सब बनता है। सुबह की रोटी शाम तक नरम रहती है, इसलिए टिफिन के लिए बेस्ट है।
कैसे ऑर्डर करें? प्री-ऑर्डर + पिकअप
- कार्ट में जोड़ें पर क्लिक करें
- नाम और मोबाइल भरें
- व्हाट्सएप पर भेजें, हम पैकेट तैयार रखेंगे
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: रोटी काली तो नहीं बनेगी?
उत्तर: हल्की भूरी बनेगी, पर स्वाद में ज्यादा अच्छी और नरम।
प्रश्न: बच्चों को पसंद आएगी?
उत्तर: हाँ, घी लगाकर दो तो बच्चे भी खुश होकर खाते हैं।